मछली ( Machhli ) Class 10 Hindi: विनोद कुमार शुक्ल द्वारा रचित कहानी ‘मछली’ का पूरा सारांश, मुख्य पात्रों का परिचय और बोर्ड परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण प्रश्न-उत्तर यहाँ पढ़ें। कक्षा 10 गोधूलि भाग 2 के पाठ 10 की सरल और सटीक व्याख्या। मछली (Machhli) Class 10 Hindi

लेखक परिचय: मछली (Machhli) Class 10 Hindi
लेखक का नाम : विनोद कुमार शुक्ल
- जन्म : 1 जनवरी 1937 ई०
- जन्म स्थान : राजनांदगाँव, छत्तीसगढ़
- वृति : प्राध्यापन
- वे इंदिरा गाँधी कृषि विश्वविद्यालय में एसोसिएट प्रोफेसर
- वे दो वर्षों (1994-1996 ई०) तक निराला सृजनपीठ में अतिथि साहित्यकार
- उनका पहला कविता संग्रह ‘लगभग जयहिंद’ 1971 में प्रकाशित हुआ ।
- प्रमुख रचनाएं :
- कविता संग्रह : ‘लगभग जयहिंद’ , ‘वह आदमी नया गरम कोट पहिनकर चला गया विचार की तरह’, ‘सबकुछ होना बचा रहेगा’ , ‘अतिरिक्त नहीं
- उपन्यास : ‘नौकर की कमीज’, ‘खिलेगा तो देखेंगे’ , ‘दीवार में एक खिड़की रहती थी’
- कहानी संग्रह : ‘पेड़ पर कमरा’ और ‘महाविद्यालय’
- उनके उपन्यासों का कई भारतीय भाषाओं में अनुवाद हो चुका है।
- उनकी कविताओं एवं एक कहानी संग्रह ‘पेड़ पर कमरा’ का इतालवी भाषा में अनुवाद हुआ है।
- उनका उपन्यास ‘नौकर की कमीज’ पर मणि कौल द्वारा फिल्म का भी निर्माण हुआ है।
- पुरस्कार और सम्मान:
- 1992 ई० में रघुवीर सहाय स्मृति पुरस्कार,
- 1997 ई० में दयावती मोदी कवि शेखर सम्मान और
- 1990 ई० में साहित्य अकादमी पुरस्कार प्राप्त हो चुके हैं।
- प्रस्तुत कहानी कहानियों के उनके संकलन ‘महाविद्यालय’ से ली गयी है।
पाठ परिचय : मछली (Machhli) Class 10 Hindi
यह कहानी बचपन की स्मृति के भाषा-शिल्प में रची गयी है और इसमें एक किशोर की वयः संधिकालीन स्मृतियाँ, दृष्टिकोण और समस्याएँ हैं। कहानी एक छोटे शहर के निम्न मध्यवर्गीय परिवार के भीतर के वातावरण, जीवन यथार्थ और संबंधों को आलोकित करती हुई लिंग-भेद की समस्या को भी स्पर्श करती है। घटनाएँ, जीवन प्रसंग आदि के विवरण एक बच्चे की आँखों देखे हुए और उसी के मितकथन से उपजी सादी भाषा में हैं। कहानी का समन्वित प्रभाव गहरा और संवेदनात्मक है। कहानी अपनी प्रतीकात्मकता के कारण मन पर एक स्थायी प्रभाव छोड़ती है ।(मछली (Machhli) Class 10 Hindi)
पाठ का सारांश : मछली (Machhli) Class 10 Hindi
प्रस्तुत पाठ ’मछली’ संवेदना पूर्ण कहानी है। इसमें मछली के माध्यम से लोगों के मनोभाव को व्यक्त किया गया है।
बच्चे अपने पिता के साथ मछली खरीदने बाजार जाते हैं। तीन मछलीयाँ खरीदी जाती है, जिनमें एक खरीदने के वक्त ही मर गई थी। बच्चे झोले में मछलीयों को रखकर गली से होकर घर वापस लौटते हैं। बूंदे पड़ने के कारण बाजार में भीड़ घट रही थी। बच्चे भी इसलिए दौड़ रहे थे कि मछलीयाँ बिना पानी के झोले में ही न मर जाएँ। झोले में रखी तीन मछलीयों में से दो जीवित थी, उनकी तड़प के झटके बच्चे महसुस कर रहे थे।
अचानक जोरों से वर्षा होने लगी। बच्चे झोले के मुँह इसलिए फैला दिए कि मछलीयों में थोड़ा जान आ जाए, क्योंकि उनकी इच्छा थी की उनमें से एक मछली कुएँ मे पाली जाए और उसके साथ खेली जाए।
वर्षा में दोनों भाई भींगने से थर्र-थर कांपने लगे। स्नानघर का दरवाजा बंद करके तीनों मछलीयों को बाल्टी में डाल दिया। संतू ठंड से कांप रहा था। माँ की मार के भय से दोनों भाई कमीज एवं पेंट निचोड़कर बाल्टी के पास बैठ गये। संतु बड़े प्यार से मछली की ओर देख रहा था।
बड़े भाई ने कहा इसमें से जीवित एक मछली पिताजी से मांग लेंगे। संतू मछली को छूना चाहता था, किंतु काटने के डर से नहीं छूता था। तभी लेखक ने उसे छूने को कहा। उसने सहमते हुए एक मछली को छूआ, लेकिन डर कर अपना हाथ खींच लिया।
लेखक ने बाल्टी से मछली निकाली और पुनः बाल्टी में डाल दी। इस क्रम में मछली उछली तो पानी के छींटे उन पर पड़े। संतु चौककर पीछे हट गया।
लेखक मछली की आँखों में अपना छाया देखना चाहता था क्योंकि दीदी का कहना था कि मरी हुई मछली की आँखों में झाँकने से अपनी परछाई नहीं दिखती। इसलिए पहले संतु का झाँकने को कहा, किंतु उससे कोई जवाब नहीं मिला तो लेखक मछली को अपने चेहरे के समीप लाकर देखा तो उसे उसकी आँख में धुंधली-सी परछाई दिखी, लेकिन ये परछाई थी कि मछली के आँखों का रंग था, यह समझ नहीं पाया। इसके बाद दीदी को बुलाने को कहा, लेकिन दीदी के सोने की बात सुनकर वह आश्चर्य में पड़ गया। माँ को मसाला पीसते हुए देखकर दुःखी हो गया कि मछली आज ही कट जाएगी। संतु भी उदास हो गया।
वर्षा बंद हो गई तब लेखक ने आँगन में जहाँ मछली काटी जाती थी, वहाँ धुला हुआ लकड़ी का तख्ता देखा। पास में थोड़ी चूल्हे की राख थी। स्नानघर का दरवाजा खुला हुआ था। माँ को मछली बनाना अच्छा नहीं लगता था। घर में पिताजी ही केवल मछली खाते थे। भग्गु ही मछली काटता तथा बनाता था। स्नानघर से भग्गु का मछली लाते देखकर लेखक के मन में उदासी छा गई, क्योंकि कुएँ में मछली पालने का उत्साह बुझ-सा रहा था। दीदी ने हम दोनों भाईयों को कपड़े पहनाए, बाल संवारे।
लेखक ने दीदी से कहा- ’दीदी ! आज मछली आई है। तीन हैं। एक शायद मर गयी है। उन्हें अभी भग्गु काटेगा। पहले दीदी चुप रही, फिर कमरे का दरवाजा बन्द करने की बात कहकर सो गई। भग्गु ने मछली के पूरे शरीर में राख मलकर फिर उसकी गर्दन काट डाली। तभी संतु एक मछली लेकर सरपट बाहर भागा।
भग्गु भी संतु से मछली छीनने दौड़ पड़ा। संतु दोनों हाथों से मछली को अपने पेट में छिपाए हुए था और भग्गु उससे मछली छीनने की कोशिश कर रहा था। उसे डर का था कि संतु कहीं मछली कुएँ में न डाल दें। वह पिताजी के डाँट के भय से परेशान था।
एक तरफ घर के अंदर पिताजी जोर-जोर से चिल्ला रहे थे, दूसरी ओर दीदी की सिसकियाँ बढ़ गई थी। पिताजी दहाड़कर कह रहे थे- ’भग्गु! अगर नहान घर में घुसे तो साले के हाथ-पैर तोड़कर बाहर फेंक देना। बाद में जो होगा मैं भुगत लूँगा।
भग्गु चुपचाप सिर हिलाकर चला गया। संतु डर से सहमा हुआ था और उसके कपड़े कीचड़ से गंदे हो गये थे। स्नानघर में ही नहीं, पूरे घर में मछलीयों जैसी गंध आ रही थी।(मछली (Machhli) Class 10 Hindi)

पाठ्य पुस्तक के प्रश्नोत्तर (मछली (Machhli) Class 10 Hindi)
प्रश्न 1. झोले में मछलियाँ लेकर बच्चे दौड़ते हुए पतली गली में क्यों घुस गए ?
उत्तर – झोले में मछलियां लेकर बच्चे दौड़ते हुए पतली गली में इसलिए घुस गए क्योंकि उस गली से घर नजदीक पड़ता था। बाजार का दिन होने के कारण दूसरे रास्ते में बहुत ज्यादा भीड़ थी। उससे जाने में उन्हें घर पहुंचने में ज्यादा समय लग जाता और झोले की मछलियां मर जाती।
(मछली (Machhli) Class 10 Hindi)
प्रश्न 2. मछलियों को लेकर बच्चों की अभिलाषा क्या थी ?
उत्तर – “मछलियों को लेकर बच्चों की अभिलाषा थी कि वे अपने पिताजी से उनमें से एक मछली मांग लेंगे और उसे कुएं में डालकर बड़ी करेंगे। जब मन होगा तब मछली को वे बाल्टी से निकाल लेंगे और फिर उसके साथ खेलेंगे और फिर मन भर जाने के बाद उसे फिर से कुएं में डाल देंगे।”
(मछली (Machhli) Class 10 Hindi)
प्रश्न 3. मछलियाँ लिए घर आने के बाद बच्चों ने क्या किया ?
उत्तर – “मछलियां लिए घर आने के बाद बच्चे स्नानघर में गए और दरवाजा अंदर से बंद कर लिया। भरी हुई बाल्टी का आधा पानी गिराकर उन्होंने उसमें झोले की तीनों मछलियां उड़ेल दीं। लेखक और संतु बारिश में पूरी तरह भीग गए थे। मां के डर से उन्होंने अपनी कमीजें उतारीं और उन्हें निचोड़ा तथा पेट को हाथों से दबाकर निचोड़ा । फिर हम दोनों ने केवल पैंट पहिनें और गीली कमीज गोद में दबाए बाल्टी को घेरकर बैठ गए और मछलियों का निरीक्षण करने लगे।”
(मछली (Machhli) Class 10 Hindi)
प्रश्न 4. मछली को छूते हुए संतू क्यों हिचक रहा था ?
उत्तर – “संतु मछलियों को बड़े प्रेम से देख रहा था। वह मछलियों को छूकर देखना चाहता था पर उसे डर लगता था। वह मछली को छूते हुए हिचक रहा था कि कहीं मछली उसे काट न ले। अपने बड़े भाई के बहुत समझाने-बुझाने पर उसने एक बार हिम्मत बटोरी और सबसे ऊपर वाली मछली को उंगली से छुआ पर डरकर अपना हाथ पीछे खींच लिया।”
(मछली (Machhli) Class 10 Hindi)
प्रश्न 5. मछली के बारे में दीदी ने क्या जानकारी दी थी? बच्चों ने उसकी परख कैसे की ?
उत्तर – “मछली के बारे में बच्चों को जानकारी देते हुए दीदी ने कहा था कि जो मछली मर जाती है, उसकी आंखों में व्यक्ति की परछाई नहीं दिखती। दीदी द्वारा दी गई इस जानकारी की परख बच्चों ने बारी-बारी से मछली की आंखों में झाँककर की।”
(मछली (Machhli) Class 10 Hindi)
प्रश्न 6. संतू क्यों उदास हो गया ?
उत्तर – “मछली अभी कट जाएगी। यह जानकर संतु उदास हो गया। वह नहीं चाहता था कि मछली कटे। वह मछली के साथ खेलना चाहता था। मछली के संबंध में उसकी कई तरह की सुखद कल्पनाएँ थीं पर मछली के कट जाने की संभावना मात्र से वह दुखी हो गया।”
(मछली (Machhli) Class 10 Hindi)
प्रश्न 7. घर में मछली कौन खाता था और वह कैसे बनायी जाती थी ?
उत्तर – “घर में केवल लेखक के पिताजी ही मछली खाते थे। उनके लिए बाजार से जब मछली आती तो भग्गू उसे बनाता था। घर में मछली काटने के लिए अलग से पाटा था। उसी पाटा के ऊपर ही मछली को रखकर काटा जाता था। भग्गू जिंदा मछली को दो-तीन बार पत्थर पर कसकर पटकता था और फिर मुर्दा मछली के शरीर पर अच्छी तरह राख मलता था, फिर उसकी गर्दन काटता था और उसके टुकड़े बनाता था। माँ मसाला पीस देती थी और भग्गू उसे रसोई घर में पकाता था।”
(मछली (Machhli) Class 10 Hindi)
प्रश्न 8. दीदी कहाँ थी और क्या कर रही थी ?
उत्तर – “दीदी अपने कमरे में थीं और अपनी पहनी हुई साड़ी को सिर तक ओढ़े करवट लिए सिसक-सिसक कर रो रही थीं। उनके रोने के दौरान हिचकियों की आवाज भी सुनाई दे रही थी।”
(मछली (Machhli) Class 10 Hindi)
प्रश्न 9. अरे-अरे कहता हुआ भग्गू किसके पीछे भागा और क्यों ?
उत्तर – “अरे-अरे कहता हुआ भग्गू संतु के पीछे भागा क्योंकि संतु उससे एक मछली छीनकर भागा था। भग्गू को डर था कि कहीं वह लेखक के पिता से डाँट न सुन ले। इस डर से वह संतु को पकड़कर मछली छीन लेना चाहता था।”
(मछली (Machhli) Class 10 Hindi)
प्रश्न 10. मछली और दीदी में क्या समानता दिखलाई पड़ी ? स्पष्ट करें ।
उत्तर – उत्तर – “पिताजी से मार खाने के बाद दीदी अपने कमरे में सिसक-सिसक कर रो रही थीं। उनकी हिचकियों से उनका पूरा शरीर सिहर उठता था। उनकी इस स्थिति की तुलना लेखक ने बेजुबान मछली से की है। मछली भी बिना पानी के उसी तरह तड़पती है जिस प्रकार दीदी सिसक रही थीं। मछली की तरह ही दीदी भी बेजुबान हैं। वह भी अपनी पीड़ा को बतलाने में असमर्थ हैं।“
(मछली (Machhli) Class 10 Hindi)
प्रश्न 11. पिताजी किससे नाराज थे और क्यों ?
उत्तर – “पिताजी नरेन और दीदी दोनों से नाराज थे। नरेन का घर में आना-जाना पिताजी को अच्छा नहीं लगता था। पिताजी को इस बात का शक था कि दीदी और नरेन के बीच किसी प्रकार का कोई संबंध था। पिताजी ने अपने नौकर भग्गू को यह चेतावनी दे दी थी कि यदि नरेन कभी उनके घर आए तो उसके हाथ-पैर तोड़ डाले। क्रोध में पिताजी ने दीदी को मारा था।”
(मछली (Machhli) Class 10 Hindi)
प्रश्न 12. सप्रसँग व्याख्या करें –
(क) बरसते पानी में खड़े होकर झोले का मुँह आकाश की तरफ फैलाकर मैंने खोल दिया ताकि आकाश का पानी झोले के अंदर पड़ी मछलियों पर पड़े ।
उत्तर – “प्रस्तुत व्याख्यात्मक पंक्तियां हमारी पाठ्य पुस्तक ‘गोधूलि भाग 2’ में संकलित ‘मछली’ शीर्षक कहानी से ली गई हैं, जिसके रचनाकार विनोद कुमार शुक्ल हैं।
पिताजी ने बाजार से तीन मछलियां खरीदी थीं। दोनों बच्चे खरीदी गई तीनों मछलियों को लेकर घर आने लगे। उनमें से एक मछली मर चुकी थी। बच्चे शेष दो मछलियों को जिंदा रखना चाहते थे। इसलिए बरसते पानी में खड़े होकर उन दोनों ने झोले का मुंह आकाश की तरफ फैलाकर खोल दिया ताकि बारिश का पानी झोले के अंदर पड़ी मछलियों पर पड़े और वे जीवित रह सकें।”
(मछली (Machhli) Class 10 Hindi)
(ख) अगर बाल्टी भरी होती तो मछली उछलकर नीचे आ जाती ।
उत्तर –“प्रस्तुत व्याख्यात्मक पंक्तियां हमारी पाठ्य पुस्तक ‘गोधूलि भाग 2’ में संकलित ‘मछली’ शीर्षक कहानी से ली गई हैं, जिसके रचनाकार विनोद कुमार शुक्ल हैं।
लेखक और संतु दोनों बाजार से मछली लेकर घर आए। आते ही वे स्नानघर में गए और उसका दरवाजा अंदर से बंद कर दिया। वे चाहते थे कि मछलियों को जल्द से जल्द पानी मिले ताकि वे जिंदा रह सकें। बाल्टी पानी से भरी हुई थी। इसलिए लेखक ने बाल्टी से आधा पानी खाली करके उसमें झोले से तीनों मछलियों को उड़ेल दिया। उसने ऐसा इसलिए किया क्योंकि पानी से भरी हुई बाल्टी में जिंदा मछलियों को डालने से वे उछलकर नीचे आ सकती थीं और स्नानघर की नाली से बाहर निकलकर बड़ी नाली में जा सकती थीं।”
(मछली (Machhli) Class 10 Hindi)
(ग) और पास से देख । परछाई दिखती है ?
उत्तर – “प्रस्तुत व्याख्यात्मक पंक्तियां हमारी पाठ्य पुस्तक ‘गोधूलि भाग 2’ में संकलित ‘मछली’ शीर्षक कहानी से ली गई हैं, जिसके रचनाकार विनोद कुमार शुक्ल हैं।
दीदी ने कहा था कि जो मछली मर जाती है उसकी आंखों में झांकने से अपनी परछाई नहीं दिखती। लेखक ने संतु से मरी हुई मछली की आंखों में देखकर यह बताने के लिए कहा कि उसकी परछाई दिखाई पड़ती है या नहीं। संतु जब मछली के कुछ पास आकर इस बात का सत्यापन करना चाहता था तो लेखक ने उसे और पास जाकर देखने को कहा ताकि उसके इस बात के सत्यापन में कोई कमी न रह जाए।”
(मछली (Machhli) Class 10 Hindi)
(घ) नहानघर की नाली क्षणभर के लिए पूरी भर गई, फिर बिल्कुल खाली हो गयी ।
उत्तर – “प्रस्तुत व्याख्यात्मक पंक्तियां हमारी पाठ्य पुस्तक ‘गोधूलि भाग 2’ में संकलित ‘मछली’ शीर्षक कहानी से ली गई हैं, जिसके रचनाकार विनोद कुमार शुक्ल हैं।
“मछलियों को काट दिए जाने के बाद संतु का मछली पालने का सपना भंग हो गया। लेखक स्नानघर में गया और जिस बाल्टी में उसने मछलियों को रखा था, मछलियों के अभाव में उसने बाल्टी के पानी को हाथ से गोल-गोल खँगाला और उसे उलट दिया। बाल्टी का पानी नाली का पानी निस्कासन क्षमता से अचानक ज्यादा हो गया। अतः थोड़ी देर के लिए नाली का मुंह भर गया, पर कुछ समय के बाद सारा पानी नाली से निकल गया और नाली पूरी तरह खाली हो गई।”
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प्रश्न 13. संतू के विरोध का क्या अभिप्राय है ?
उत्तर – “मछलियों को बचाने के लिए संतु ने अपना भरपूर प्रयास किया। वह मछलियों को काटे जाने का विरोध कर रहा था। संतु का विरोध हिंसा के विरुद्ध अहिंसा का, निर्ममता के विरुद्ध ममता का विरोध है। संतु का निष्फल और साहसपूर्ण विरोध ममता, करुणा, संवेदना और प्रेम को प्रदर्शित करता है।”
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प्रश्न 14. दीदी का चरित्र चित्रण करें ।
उत्तर – “मछली शीर्षक कहानी की केंद्रीय चरित्र दीदी हैं। कहानी के आरंभ से अंत तक दीदी मछली के प्रतीक के रूप में विद्यमान हैं। जिस तरह मछली बेजुबान होती है, उसी तरह दीदी भी बेजुबान हैं। मछलियों को पत्थर पर पटका जाता है, पाटे पर काटा जाता है और बेचारी मछली तड़प कर रह जाती है, अपना विरोध प्रकट नहीं कर पाती। दीदी की भी यही स्थिति है। वह अपने पिता से मार खाती हैं और वियोग से रोती हैं और अपने विरोध को प्रकट नहीं कर पातीं। दीदी पूरे नारी समाज की प्रतिनिधि हैं। पीड़ा उनकी सहचरी है, उदासी उनकी सखी है तथा चुप्पी में जीना उनकी विवशता है।”
(मछली (Machhli) Class 10 Hindi)
प्रश्न 15. कहानी के शीर्षक की सार्थकता स्पष्ट करें ।
उत्तर – “मछली शीर्षक कहानी में शब्द योजना के द्वारा मानवीय जीवन के विभिन्न पक्षों को मनोवैज्ञानिक ढंग से चित्रित किया गया है। मछली एक प्रतीकात्मक रूप है। जिस प्रकार मछली का जीवन है, छटपटाहट है और जीवन जीने की लालसा है, ठीक उसी प्रकार मनुष्य का जीवन है। यहाँ जीवन की वास्तविकता का चित्रण मिलता है। मछली को प्रतीक रूप में प्रयोग करते हुए कहानीकार ने जीवन के विभिन्न पक्षों का उद्घाटन किया है। अतः इस कहानी का शीर्षक अपने आप में पूर्ण और सार्थक है।”
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प्रश्न 16. कहानी का सारांश प्रस्तुत करें ।
उत्तर – कहानी का सारांश ऊपर दिया हुआ है। कृपया page को फिर से पढ़ें।

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