अरस्तू का विरेचन सिद्धांत पर टिप्पणी करें
अरस्तू का विरेचन सिद्धांत का परिचय: अरस्तू (Aristotle) यूनानी दर्शनशास्त्र के सबसे महान चिंतकों में से एक थे। उन्होंने साहित्य, …
अरस्तू का विरेचन सिद्धांत का परिचय: अरस्तू (Aristotle) यूनानी दर्शनशास्त्र के सबसे महान चिंतकों में से एक थे। उन्होंने साहित्य, …
परिचय: आचार्य भामह संस्कृत काव्यशास्त्र के प्रारंभिक युग के एक महत्वपूर्ण आचार्य थे। उन्हें संस्कृत काव्यालोचना का प्रथम स्वतंत्र आचार्य …
परिचय: आई.ए. रिचर्ड्स (I.A. Richards) बीसवीं शताब्दी के आरंभिक दौर के एक प्रभावशाली अंग्रेज़ समीक्षक, विचारक और शिक्षाशास्त्री थे। उन्हें …
परिचय: ‘काव्य हेतु’ का अर्थ है – काव्य रचना का कारण या प्रेरणा। अर्थात् कवि किस कारण से कविता की …
परिचय: भारतीय काव्यशास्त्र में ‘शब्द’ और ‘अर्थ’ की सत्ता को अत्यधिक महत्व दिया गया है। जब हम काव्य की बात …
काव्य लक्षण परिचय: ‘काव्य’ शब्द सुनते ही मन में सौंदर्य, भाव, कल्पना और अभिव्यक्ति की छवि उभरती है। साहित्य में …
भारतीय काव्यशास्त्र के इतिहास में ध्वनि-सिद्धांत परिचय: भारतीय काव्यशास्त्र के इतिहास में ध्वनि-सिद्धांत: भारतीय काव्यशास्त्र की परंपरा अत्यंत समृद्ध, प्राचीन …
इलियट के निर्वैयक्तिकता सिद्धांत परिचय: टी.एस. इलियट (T.S. Eliot) बीसवीं शताब्दी के प्रसिद्ध अंग्रेजी कवि, नाटककार और आलोचक थे। उनका …
प्लेटो के काव्य-सिद्धांत का विवेचन परिचय: प्लेटो के काव्य-सिद्धांत: प्लेटो (427 ई.पू.–347 ई.पू.) यूनान के महान दार्शनिक थे, जिन्होंने न …
मम्मट के काव्य प्रयोजन: काव्य प्रयोजन से क्या समझते हैं? परिचय: काव्य का उद्देश्य केवल मनोरंजन नहीं होता, बल्कि वह …