तोड़ती पत्थर पर टिप्पणी

तोड़ती पत्थर पर टिप्पणी

‘तोड़ती पत्थर’ प्रसिद्ध प्रगतिशील कवि सुमित्रानंदन पंत की एक अत्यंत संवेदनशील और यथार्थवादी कविता है। यह कविता छोटी होते हुए …

Read more

कामायनी का रूपक तत्व

कामायनी का रूपक तत्व

‘कामायनी’ हिन्दी के महाकवि जयशंकर प्रसाद की कालजयी काव्य-रचना है, जिसे हिन्दी साहित्य का श्रेष्ठतम प्रतीकात्मक (symbolic) महाकाव्य माना जाता …

Read more

गोपाल सिंह नेपाली’ के काव्य का मुख्य स्वर राष्ट्रीयता का है। इस कथन की समीक्षा कीजिए।

गोपाल सिंह नेपाली' के काव्य का मुख्य स्वर राष्ट्रीयता का है। इस कथन की समीक्षा कीजिए।

हिन्दी काव्य-जगत में जब भी देशभक्ति, राष्ट्रप्रेम, और जागरण के स्वर की बात होती है, तब गोपाल सिंह नेपाली का …

Read more

‘उर्वशी’ में व्यक्त कामाध्यात्म पर प्रकाश डालिए।

'उर्वशी' में व्यक्त कामाध्यात्म पर प्रकाश डालिए।

हिन्दी साहित्य के छायावादी युग के प्रमुख कवि जयशंकर प्रसाद द्वारा रचित ‘उर्वशी’ एक महान काव्य-नाटक है, जिसमें प्रेम, सौंदर्य, …

Read more

‘राम की शक्तिपूजा’ की समीक्षा कीजिए।

'राम की शक्तिपूजा' की समीक्षा कीजिए।

‘राम की शक्तिपूजा’ हिन्दी के प्रसिद्ध कवि माखनलाल चतुर्वेदी द्वारा नहीं, बल्कि सुभद्राकुमारी चौहान के समकालीन महान कवि महेषी प्रसाद …

Read more

साकेत के नवम् सर्ग के आधार पर उर्मिला के विरह वर्णन की विशेषताओं पर प्रकाश डालिए।

साकेत के नवम् सर्ग के आधार पर उर्मिला के विरह वर्णन की विशेषताओं पर प्रकाश डालिए।

हिन्दी साहित्य में महाकाव्य ‘साकेत’ को मैथिलीशरण गुप्त द्वारा रचित एक अनुपम काव्य कहा जाता है, जिसमें रामकथा को एक …

Read more

error: Content is protected !!