बाणभट्ट का चरित्र-चित्रण

परिचय बाणभट्ट, प्रख्यात संस्कृत साहित्यकार और “हर्षचरित” तथा “कादंबरी” के रचयिता थे। वे 7वीं शताब्दी में सम्राट हर्षवर्धन के दरबारी …

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उपन्यास और मध्यवर्ग

परिचय उपन्यास समाज का दर्पण होता है, जो विभिन्न वर्गों, परिवेशों और परिस्थितियों को विस्तार से चित्रित करता है। समाज …

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‘बाणभट्ट की आत्मकथा’ उपन्यास की कथावस्तु

परिचय ‘बाणभट्ट की आत्मकथा’ हिंदी के प्रसिद्ध लेखक हजारीप्रसाद द्विवेदी द्वारा लिखा गया एक ऐतिहासिक उपन्यास है। यह उपन्यास 7वीं …

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होरी का चरित्र-चित्रण

परिचय: ‘गोदान’ (1936) हिंदी के महान कथाकार मुंशी प्रेमचंद का अंतिम और सबसे प्रसिद्ध उपन्यास है। यह भारतीय किसान समाज …

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भारतीय आख्यान परम्परा में उपन्यास का स्थान

भारतीय आख्यान परंपरा का इतिहास अत्यंत प्राचीन और समृद्ध है, जो वेदों, उपनिषदों, पुराणों, महाकाव्यों, लोककथाओं और अन्य साहित्यिक विधाओं …

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सप्रसंग व्याख्या (“देख-देख राधा रूप अपार अपरुब के बिहि आनि मिलाओल खिति-खिति लावनि-सार।”)

पंक्ति:“देख-देख राधा रूप अपार अपरुब के बिहि आनि मिलाओल खिति-खिति लावनि-सार।” प्रसंग यह पंक्ति विद्यापति की काव्य रचना से ली …

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सप्रसंग व्याख्या (“माधव कि कहब सुन्दर रुपे कतेक जतन बिहि आनि समारल देखिल नयन सरूबे।”)

पंक्ति:“माधव कि कहब सुन्दर रुपे कतेक जतन बिहि आनि समारल देखिल नयन सरूबे।” प्रसंग यह पंक्ति विद्यापति की रचनाओं से …

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