गार्सा-द-तासी पर टिप्पणी
परिचय:गार्सा-द-तासी (Garcia de Tassy) एक प्रसिद्ध फ्रांसीसी विद्वान और भाषाविद् थे, जिन्होंने उन्नीसवीं शताब्दी में भारतीय भाषाओं और साहित्य पर …
परिचय:गार्सा-द-तासी (Garcia de Tassy) एक प्रसिद्ध फ्रांसीसी विद्वान और भाषाविद् थे, जिन्होंने उन्नीसवीं शताब्दी में भारतीय भाषाओं और साहित्य पर …
परिचय: इतिहास-दृष्टि का अर्थ है, इतिहास को देखने, समझने और उसकी व्याख्या करने का एक विशिष्ट दृष्टिकोण। यह दृष्टि इस …
परिचय: संरचनावाद (Structuralism) बीसवीं शताब्दी की एक प्रमुख बौद्धिक और दार्शनिक विचारधारा है, जिसने मानविकी और सामाजिक विज्ञानों में गहरी …
विधेयवाद (Positivism) दर्शन की वह शाखा है, जो ज्ञान के वैज्ञानिक और तात्त्विक आधारों पर बल देती है। यह दृष्टिकोण …
साहित्यिक प्रवृत्तियाँ किसी युग विशेष में साहित्य के विकास की दिशा और दशा को निर्धारित करती हैं। ये प्रवृत्तियाँ साहित्यिक …
हिन्दी साहित्येतिहास लेखन की परंपरा में आचार्य हजारीप्रसाद द्विवेदी का योगदान आचार्य हजारीप्रसाद द्विवेदी हिन्दी साहित्य के उन महान विद्वानों …
काल-विभाजन का आधार स्पष्ट कीजिए हिन्दी साहित्य में काल-विभाजन का उद्देश्य साहित्यिक प्रवृत्तियों, सांस्कृतिक परिस्थितियों, और ऐतिहासिक संदर्भों के आधार …
हिन्दी साहित्य का इतिहास-लेखन साहित्यिक, सामाजिक, और सांस्कृतिक दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह न केवल हमारी साहित्यिक धरोहर को …
भ्रमरगीत की भावभूमि भ्रमरगीत संस्कृत साहित्य की एक प्रसिद्ध काव्य रचना है, जिसे प्राचीन भारतीय काव्यशास्त्र में विशेष स्थान प्राप्त …