हिन्दू धर्म में प्रार्थना और पूजा की भूमिका को रेखांकित कीजिए।
हिन्दू धर्म एक अत्यंत प्राचीन और बहुआयामी धार्मिक परंपरा है, जिसमें आध्यात्मिकता, दर्शन, रीति-रिवाज़, सामाजिक आचरण और व्यक्तिगत साधना का …
हिन्दू धर्म एक अत्यंत प्राचीन और बहुआयामी धार्मिक परंपरा है, जिसमें आध्यात्मिकता, दर्शन, रीति-रिवाज़, सामाजिक आचरण और व्यक्तिगत साधना का …
ईसाई धर्म विश्व के प्रमुख धर्मों में से एक है, जिसकी शुरुआत लगभग 2000 वर्ष पूर्व पश्चिम एशिया के यहूदी …
धार्मिक समरसता का अर्थ होता है — विभिन्न धर्मों, सम्प्रदायों और आस्थाओं के बीच आपसी सम्मान, सहिष्णुता और सौहार्द बनाए …
बौद्ध धर्म की आधारशिला तथागत गौतम बुद्ध द्वारा प्रतिपादित चार आर्य सत्यों (चत्वारि आर्यसत्यानि) पर रखी गई है। ये चार …
सिख धर्म की स्थापना 15वीं शताब्दी के उत्तरार्ध में गुरु नानक देव जी ने की थी। यह धर्म उस समय …
हिन्दू धर्म में “अवतारवाद” एक अत्यंत महत्वपूर्ण धार्मिक और दार्शनिक अवधारणा है, जो ईश्वर और मानव के बीच के संबंध …
धर्म और ईश्वर, दोनों मानव सभ्यता के गहरे और पुराने पहलू हैं, लेकिन यह आवश्यक नहीं कि दोनों हमेशा एक-दूसरे …
‘उपमा कालिदासस्य’ एक प्रसिद्ध संस्कृत कहावत है, जिसका शाब्दिक अर्थ है – “उपमा की बात आए तो कालिदास ही याद …
महर्षि वाल्मीकि संस्कृत साहित्य के आदि कवि माने जाते हैं। वे ‘रामायण’ के रचयिता हैं, जो न केवल भारत का …
संस्कृत साहित्य के महान कवियों में महाकवि भवभूति का नाम अत्यंत आदर और सम्मान से लिया जाता है। वे 8वीं …