समाजशास्त्रीय दृष्टि से साहित्य के अध्ययन की भारतीय परम्परा

भारतीय समाज में साहित्य का स्थान अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है। यह केवल कला, कल्पना या भावनाओं की अभिव्यक्ति का माध्यम …

Read more

आंचलिक उपन्यास पर टिप्पणी

हिन्दी साहित्य में ‘आंचलिक उपन्यास’ एक महत्वपूर्ण प्रवृत्ति के रूप में उभरे, जिनका मुख्य उद्देश्य भारत के ग्रामीण जीवन, स्थानीयता, …

Read more

नयी कविता का परिचय

हिन्दी साहित्य के इतिहास में ‘नयी कविता’ एक महत्वपूर्ण काव्य आंदोलन के रूप में उभरी, जिसने कविता को परंपरागत छंद, …

Read more

खड़ीबोली हिन्दी गद्य के विकास में फोर्ट विलियम कॉलेज की भूमिका

18वीं शताब्दी के अंत और 19वीं शताब्दी के प्रारम्भिक वर्षों में भारत में अंग्रेज़ों का शासन धीरे-धीरे स्थापित हो रहा …

Read more

error: Content is protected !!