सप्रसंग व्याख्या (“नंदक नंद कदंबक तरु तर धीरे-धीरे मुरली बजाव।समय संकेत-निकेतन बइसल बेरि-बेरि बोलि पठाव।।”)

पंक्ति:“नंदक नंद कदंबक तरु तर धीरे-धीरे मुरली बजाव।समय संकेत-निकेतन बइसल बेरि-बेरि बोलि पठाव।।” प्रसंग यह पंक्ति विद्यापति की काव्य रचना …

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अमीर खुसरो पर टिप्पणी

अमीर खुसरो (1253-1325 ई.) भारतीय उपमहाद्वीप के महान कवि, संगीतकार, और विद्वान थे। उनका पूरा नाम अबुल हसन यमीनुद्दीन खुसरो …

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संदेशरासक पर टिप्पणी

संदेशरासक प्राकृत भाषा में रचित एक महत्वपूर्ण काव्य है, जिसे प्राचीन भारतीय साहित्य की अमूल्य धरोहर माना जाता है। इसका …

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प्रभा खेतान पर टिप्पणी

प्रभा खेतान भारतीय साहित्य में एक महत्वपूर्ण और प्रभावशाली स्त्री लेखिका के रूप में जानी जाती हैं। उनकी रचनाएँ न …

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वीरांगना झलकारी पर टिप्पणी

वीरांगना झलकारी बाई भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की एक साहसी और प्रेरणादायक योद्धा थीं। 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में झलकारी …

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जयप्रकाश कर्दम

जयप्रकाश कर्दम का नाम दलित साहित्य के प्रतिष्ठित और प्रेरणादायक लेखकों में लिया जाता है। वे एक प्रखर साहित्यकार, समाज …

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बिहारी लाल हरित

बिहारी लाल हरित का नाम दलित साहित्य के क्षेत्र में एक सशक्त और प्रेरणादायक व्यक्तित्व के रूप में जाना जाता …

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