भारत में लघु उद्योगों की दो प्रमुख समस्याएँ
भारत में लघु उद्योग (Small Scale Industries – SSIs) ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में लोगों को रोज़गार देने, स्थानीय …
भारत में लघु उद्योग (Small Scale Industries – SSIs) ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में लोगों को रोज़गार देने, स्थानीय …
भारत में स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद जिस सबसे महत्वपूर्ण आर्थिक और सामाजिक सुधार की आवश्यकता महसूस की गई, वह थी—भूमि …
भारत जब 15 अगस्त 1947 को स्वतंत्र हुआ, तब उसकी अर्थव्यवस्था बेहद जर्जर स्थिति में थी। लगभग दो शताब्दियों तक …
परिचय किसी भी समाज की व्यवस्था बनाए रखने के लिए कानून बनाए जाते हैं और उन कानूनों का उल्लंघन करने …
परिचय नैतिकता का सम्बन्ध मनुष्य के व्यवहार और कार्यों के मूल्यांकन से है। यह तय करती है कि कोई कार्य …
परिचय सुख एक ऐसा अनुभव है जिसकी खोज हर व्यक्ति अपने जीवन में करता है। चाहे कोई किसी भी धर्म, …
परिचय मुद्रास्फीति (Inflation) और बेरोजगारी (Unemployment) किसी भी देश की अर्थव्यवस्था के सबसे महत्वपूर्ण संकेतक हैं। ये दोनों न केवल …
परिचय व्यापार चक्र (Business Cycle) का अर्थ है – किसी देश की आर्थिक गतिविधियों में समय-समय पर आने वाले उतार-चढ़ाव। …
परिचय ब्याज दरें किसी भी देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ होती हैं। यह तय करती हैं कि निवेश और बचत …
बेरोजगारी (Unemployment) का अर्थ है किसी व्यक्ति का काम करने की इच्छा और योग्यता होते हुए भी काम न मिल …