भारतीय आख्यान परम्परा में उपन्यास का स्थान
भारतीय आख्यान परंपरा का इतिहास अत्यंत प्राचीन और समृद्ध है, जो वेदों, उपनिषदों, पुराणों, महाकाव्यों, लोककथाओं और अन्य साहित्यिक विधाओं …
भारतीय आख्यान परंपरा का इतिहास अत्यंत प्राचीन और समृद्ध है, जो वेदों, उपनिषदों, पुराणों, महाकाव्यों, लोककथाओं और अन्य साहित्यिक विधाओं …
पंक्ति:“देख-देख राधा रूप अपार अपरुब के बिहि आनि मिलाओल खिति-खिति लावनि-सार।” प्रसंग यह पंक्ति विद्यापति की काव्य रचना से ली …
पंक्ति:“माधव कि कहब सुन्दर रुपे कतेक जतन बिहि आनि समारल देखिल नयन सरूबे।” प्रसंग यह पंक्ति विद्यापति की रचनाओं से …
पंक्ति:“नंदक नंद कदंबक तरु तर धीरे-धीरे मुरली बजाव।समय संकेत-निकेतन बइसल बेरि-बेरि बोलि पठाव।।” प्रसंग यह पंक्ति विद्यापति की काव्य रचना …
अमीर खुसरो (1253-1325 ई.) भारतीय उपमहाद्वीप के महान कवि, संगीतकार, और विद्वान थे। उनका पूरा नाम अबुल हसन यमीनुद्दीन खुसरो …
संदेशरासक प्राकृत भाषा में रचित एक महत्वपूर्ण काव्य है, जिसे प्राचीन भारतीय साहित्य की अमूल्य धरोहर माना जाता है। इसका …
विद्यापति (1352-1448 ई.) मैथिली भाषा के महान कवि थे, जिन्होंने भारतीय साहित्य को गीति परंपरा में एक नया आयाम दिया। …
विद्यापति (1352-1448 ई.) मिथिला के महान कवि और भक्त साहित्य के एक प्रमुख स्तंभ थे। वे अपनी रचनाओं में सौंदर्य …
‘पृथ्वीराजरासो’ हिंदी साहित्य के वीरगाथा काल की एक अद्वितीय रचना है, जिसे चंदबरदाई ने रचा। यह ग्रंथ एक महाकाव्य के …
प्रभा खेतान भारतीय साहित्य में एक महत्वपूर्ण और प्रभावशाली स्त्री लेखिका के रूप में जानी जाती हैं। उनकी रचनाएँ न …